इस विभाग का प्रमुख कार्य हिंदी से जुड़े विभिन्न विषयों पर अनुसंधान और विकासपरक कार्यों / परियोजनाओं का संचालन करना है। यह विभाग संस्थान की शोध पत्रिका गवेषणा के संपादन का कार्य करता है।
शोध एवं अकादमिक गतिविधियों द्वारा हिंदी में शोध की परंपरा समृद्ध करना।
विभाग मुख्यत: शोध पर केंद्रित है। फिलहाल ‘हिंदी लोक शब्दकोश परियोजना’ का संचालन विभाग द्वारा किया जाता है, जिसमें कुल 18 कोश प्रकाशित किए जाने हैं, जिसके अंतर्गत हिंदी की लोकभाषाओं में शब्दकोश तैयार किए जाते हैं। इसके साथ ही भाषाविज्ञान की शोध-पत्रिका ‘गवेषणा’ का प्रकाशन भी विभाग द्वारा किया जाता है। विभाग ‘पाणिनि व्याख्यानमाला’ के अंतर्गत मासिक स्तर पर देश के मूर्धन्य विद्वानों को संस्थान में बुलाकर उनसे व्याख्यान दिलाने का कार्य शुरू किया है। इसके साथ ही आईआईटी, कानपुर द्वारा वित्तपोषित परियोजना “Role of AI in Mental Health and Inclusion in Higher Academic Institutions” का संचालन विभाग के माध्यम से किया जा रहा है। भविष्य में अन्य परियोजना एवं अकादमिक गतिविधियाँ भी प्रस्तावित हैं। वर्तमान में हिंदी लोक शब्दकोश परियोजना’ के अंतर्गत ‘छत्तीसगढ़ी-हिंदी-अँग्रेजी’ त्रिभाषी शब्दकोश के निर्माण का कार्य चल रहा है, साथ ही हरियाणवी, कन्नौजी, बघेली, गढ़वाली एवं मगही के कोशों के निर्माण-कार्य प्रक्रियाधीन है।
| शैक्षिक सदस्य |
![]() डॉ. अरिमर्दन कुमार त्रिपाठी एसोसिएट प्रोफेसर (भाषाविज्ञान) एवं विभागाध्यक्ष |
| प्रशासनिक सदस्य | ||
श्री दीपेंद्र कुमार शर्मा कंप्यूटर टंकक-सह-लिपिक (अनुबंध) |
इस विभाग में किसी पाठ्यक्रम का संचालन नहीं होता है, बल्कि इस विभाग के शिक्षक ‘अध्यापक शिक्षा विभाग’, ‘अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग’ एवं ‘नवीकरण एवं भाषा प्रसार विभाग’ के विभिन्न पाठ्यक्रमों में शिक्षण का कार्य करते हैं।
विभाग हिंदी में नवाचार हेतु प्रतिबद्ध है।
